Pages
अष्टछाप
Pushtimargiya Terminology
Baithakji Charitra
About Us
यमुना जी के ४१ पद
नित्य सेवा
नित्य पाठ
कीर्तन
षोडश ग्रंथ
मंगला आरती
श्री महाप्रभु जी के पद
सांवरो मंगल रूप निधान
सांवरो मंगल रूप निधान।
जा दिन तें हरि गोकुल प्रगटे दिन दिन होत कल्याण ॥१॥
बैंठि रहों श्याम धुन सुमिरो रैन दिना सब ध्यान ।
श्री भट के प्रभु नैन भर देखों पीतांबर घनश्याम ॥२॥
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment