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यमुना जी के ४१ पद
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मंगला आरती
श्री महाप्रभु जी के पद
साँझ के साँचे बोल तिहारे
साँझ के साँचे बोल तिहारे।
रजनी अनत जागे नंदनंदन आये निपट सवारे॥१॥
अति आतुर जु नीलपट ओढे पीरे बसन बिसारे।
कुंभनदास प्रभु गोवर्धनधर भले वचन प्रतिपारे॥२॥
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